आईएएस दिव्या मित्तल का इस्तीफा हुआ मंजूर तेजी से बदल रहे समीकरण,यूपी की राजनीति में नया ट्विस्ट।






यूपी का रण 2027
आईएएस दिव्या मित्तल का इस्तीफा हुआ मंजूर तेजी से बदल रहे समीकरण,यूपी की राजनीति में नया ट्विस्ट।
मिर्ज़ापुर/ सोनभद्र। यूपी 2027 के रण की अगली बिसात में आईएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफे के स्वीकार होनेके साथ ही पूर्वांचल की राजनीति में नया ट्विस्ट आ गया है। पिछले कुछ समय से सूबे की सियासत में हो रही उठापटक में हर अगले दिन की घटना बीते दिन से ज्यादा अप्रत्याशित हो रही है। एक ओर जहां विपक्ष सत्ता की बजाय कुर्सी पर बैठे चेहरे पर ज्यादा हमलावर है वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार के फैसलों से जन्म ले रही दुश्वारियां किसकी राह कठिन करने की मंशा रख रही हैं यह ज्यादा दिन तक राज नही रहेगा। पिछले कुछ समय से पूर्वांचल की राजनीति में बड़ी घटनाएं घटित हुई चूंकि राजनीतिक घटना उस वक्त ज्यादा चर्चा में रहती है जब माहौल चुनावी साल का होता है। 2027 का चुनाव सूबे की राजनीति की दिशा तो तय करेगा ही साथ ही न जाने कितनों के भविष्य भी इस परिणाम से प्रभावित होने की सुगबुगाहट है। लेकिन आज बात माँ विंध्यवासिनी नगरी की चर्चित आईएएस दिव्या मित्तल की हो रही है। मिर्ज़ापुर की डीएम रहते हुए दिव्या मित्तल मां विध्यवासिनी कॉरिडोर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए चर्चा में रही और आजादी के बाद पहली बार गांव में पानी पहुचाने वाली आईएएस ने अपने 13 साल के कैरियर को बीते दिनों मा विंध्यवासिनी को प्रणाम करके विराम दिया था।
अब तक सभी निर्णय संयोग
यहां यह भी महज संयोग ही कहा जायेगा या सचमुच यह दैवीय इच्छा से हो रहा घटनाक्रमआ कि विंध्य पर्वत पर विराजमान विंध्यवासिनी के दर्शनोपरांत इस्तीफा देने का समाचार और त्रिकुट पर्वत पर विराजमान श्रीमाता वैष्णो देवी के दर्शनोपरांत इस्तीफा स्वीकार करने की सूचना देना अपने आप मे बड़े घटनाक्रम का संकेत है। आईएएस दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद से उनके अगले कदम की कई पटकथाएं चर्चा में हैं उनके शुभचिंतक उनके अगले कदम की कोई जानकारी तो नही देते लेकिन यह बात तो जगजाहिर है कि आईआईटी, आईआईएम के बाद अति प्रतिष्टित सेवा सिविल सर्विस में अनुभव रखने वाली दिव्या के कदम दक्षता और परिणाम की कसौटियों पर स्वयं के अनुकूल हों। दिव्या मित्तल ने विंध्यवासिनी माता के मन्दिर में दर्शन के उपरांत जिस भाव से अपने सेवा काल को विराम देते अपने अनुभवों को जनता के सामने रखा था वह अकारण हुई घटना नहीं रही, ठीक उसी कालचक्र की बेला में त्रिकुट पर्वत वाली माता वैष्णों देवी के दर्शनोपरांत त्यागपत्र स्वीकार होने की सूचना प्राप्त हुई।
अब आने वाले समय मे पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल अपने आप को किस क्षेत्र में ले जायेंगी यह तो अभी कयास का विषय है लेकिन एक तेज तर्रार संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ प्रशासनिक दक्षता की मेधा अगर समाज सेवा के क्षेत्र में आयेगी तो निश्चित तौर पर परिदृश्य परिवर्तित होने में समय नही लगेगा।
आने वाले अंक में”यूपी की क्या है मजबूरी कौन है जरूरी”
